सक्रिय हो रहे हैं एक के बाद एक कई पश्चिमी विक्षोभ; पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में शीतलहर का कहर जारी
उत्तर भारत के पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम पूर्वानुमान विशेषज्ञ किरण वाघमारे के अनुसार, जल्द ही एक के बाद एक कई पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्रों में दस्तक देने वाले हैं। वर्तमान में 14 जनवरी तक उत्तर भारत में बर्फीली हवाओं का दौर जारी है, जिससे पंजाब और हरियाणा में ‘शीत दिन’ (Cold Day) जैसी स्थिति बनी हुई है। हालांकि, 16 और 17 जनवरी से आने वाला पहला पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों पर बर्फबारी की शुरुआत करेगा, जिससे हवाओं का रुख बदलेगा और मैदानी इलाकों के तापमान में थोड़ी वृद्धि होने की संभावना है।
पहाड़ों पर भारी हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना
16 और 17 जनवरी को आने वाले पश्चिमी विक्षोभ का मुख्य असर जम्मू-कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फरराबाद और लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों पर दिखाई देगा, जहाँ मध्यम से भारी बर्फबारी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में भी 16 तारीख को बर्फबारी के आसार हैं। इसके बाद 19 जनवरी को एक नया और 22-23 जनवरी को एक अत्यंत शक्तिशाली (सशक्त) पश्चिमी विक्षोभ आने की उम्मीद है। इस सशक्त सिस्टम के प्रभाव से न केवल पहाड़ों पर भारी हिमपात होगा, बल्कि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी प्रबल संभावना है।
शीतलहर और घने कोहरे का रेड अलर्ट
अगले 24 से 48 घंटों के दौरान उत्तर भारत के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा। 15 जनवरी के पूर्वानुमान के अनुसार, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में भीषण शीतलहर चलेगी। इसके अलावा उत्तरी छत्तीसगढ़, पश्चिमी झारखंड और उत्तरी ओडिशा में भी कड़ाके की सर्दी महसूस की जाएगी। कोहरे की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम और असम समेत उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह के समय ‘घना कोहरा’ छाया रहेगा, जिससे दृश्यता (Visibility) प्रभावित हो सकती है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में छिटपुट बारिश
उत्तर भारत में जहां बर्फबारी और ठंड का जोर है, वहीं दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम में बदलाव देखा जा सकता है। 15 जनवरी को केरल के कुछ हिस्सों और कर्नाटक के दक्षिणी घाट क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो नागालैंड और मणिपुर में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बौछारें गिर सकती हैं। शेष भारत में फिलहाल मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा और बारिश की कोई बड़ी गतिविधि होने का अनुमान नहीं है।
22 जनवरी के बाद बड़े बदलाव के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार, 16 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ के कारण मैदानी इलाकों के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी, जिससे सुबह की ठिठुरन से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, असली बदलाव 22 और 23 जनवरी के आसपास देखने को मिलेगा जब एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मैदानी राज्यों में व्यापक बारिश और ओलावृष्टि लेकर आएगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के इन बदलावों और ओलावृष्टि की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए अपनी फसलों का प्रबंधन करें।